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सफर और वंदगी का जीवन में महत्व..!
Chandradeep Maharaj
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15/03/2023
सफर और वंदगी दो अलग-अलग शब्द हैं, जो भिन्न अर्थों को दर्शाते
मन का आपा खोय …
Chandradeep Maharaj
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28/10/2022
मन का आपा खोय – इस ऊक्ति का आशय है मन को
आप भला तो जग भला ..!
Chandradeep Maharaj
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08/09/2022
आप भला तो जग भला! इस पद का का अर्थ है, अपने
लोग क्या कहेंगे ..!
Chandradeep Maharaj
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01/07/2022
लोग क्या कहेंगे..! भाई, अच्छा या बुरा कुछ तो लोग कहेंगे ही!
असतो मा सद्गमय — Asato Ma Sadgamaya
Chandradeep Maharaj
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28/03/2022
असतो मा सद्गमय – उपनिषद का यह मंत्र जीवन में प्रगति के
सत्यम शिवम सुंदरम …
Chandradeep Maharaj
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01/03/2022
ईश्वर सत्य है , सत्य ही शिव है, शिव ही सुन्दर है!
नेकी कर दरिया में डाल — Do Good and Seek No Reward
Chandradeep Maharaj
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19/02/2022
नेकी कर दरिया में डाल’ यह एक बहुप्रचलित मुहावरा है। जिसका सीधा
ऐसी वाणी बोलिए …
Chandradeep Maharaj
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28/01/2022
ऐसी वाणी बोलिये मन का आपा खोय। औरन को शीतल करै आपहूं
जाकी रही भावना जैसी — Jaki Rahi Bhavna Jaisi
Chandradeep Maharaj
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14/01/2022
भावना क्या है ? यह मनोभाव है, मन में उत्पन्न होने वाले
आप भला तो जग भला — Aap Bhala To Jag Bhala
Chandradeep Maharaj
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09/01/2022
आप भला तो जग भला! इस पद का का अर्थ है, अपने
देनहार कोऊ और है — Denhar Kou Aur Hai
Chandradeep Maharaj
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26/12/2021
देनहार कोऊ और है! अर्थात् देनेवाला कोई और है, हम अगर किसी
सकली तोमारी इच्छा — Sakali Tomari Ichchha
Chandradeep Maharaj
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19/12/2021
‘सकली तुमारी इच्छा’ यह बंगला भाषा के एक वाक्यांश ‘সকলি তোমারি ইচ্ছা’
कारज धीरे होत है, काहे होत अधीर — Karaj Dheere Hot Hai, Kahe Hot Adhir
Chandradeep Maharaj
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10/11/2021
कारज धीरे होत है काहे होत अधीर।समय आय तरुवर फलै कौतुक सींचों
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय — Dheere Dheere Re Mana, Dheere Sab Kuch Hoye
Chandradeep Maharaj
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31/10/2021
धीरे धीरे रे मना धीरे सबकुछ होय।माली सींचै सौ घड़ा ऋतु आये
पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ — Pothi Padh-Padh Jag Mua
Chandradeep Maharaj
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03/10/2021
पोथी एक संस्कृत शब्द है, अन्य भाषाओं में इसे पुस्तक, किताब, book






