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मनुष्य

व्यवहार कुशल होना जरुरी क्यों है…

व्यवहार एक मान्सिक प्रवृत्ति है, मनोवैज्ञानिक प्रवृत्ति है। यह ऐसी क्रिया है जो किसी मनुष्य के द्वारा किया जाता है। वह प्रक्रिया है जो हम दुसरों के लिए काम में लाते हैं। विभिन्न परिस्थितियों में दुसरों के द्वारा हम पर जो क्रियात्मक पहल होती है

उड़ना तुझे अकेला है …

दुख प्राकृतिक नहीं होता है और ना ही स्थायी होता है। यह जीवन में आता जाता रहता है। दुख एक मानसिक अवस्था है जो मानव द्वारा स्वयं निर्मित होता है। यह शब्द साधारण मानव के मन को सर्वाधिक पीड़ित करता है। दुख एक ऐसा मनोभाव है जिसका मन और शरीर पर विपरीत असर पड़ता है।