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दुखी मन मेरे — Don’t Live Where There Is No Bliss

दुखी मन क्या है ! मनुष्य दुखी मन को धारण किए हुए क्यों जीता है? यह एक विडंबना नहीं तो और क्या है? किसी को दुख नहीं चाहिए!परन्तु अधिकांश के जीवन का अधिकतर पल दुख में ही गुजरता है। इसका कारण क्या है? और क्या इससे उबरने का कोई निदान भी है? दुख मन का […]

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मन की आंखे खोल — Open Your Inner Eyes

मन की आंखे खुलती हैं! प्रेम से अथवा ध्यान से ! ज्ञानियों का कहना है कि ‘मन की आंखें’ समस्त सृष्टि का अनुभव करने में समर्थ होती हैं। मन की आंखें अगर खुली हों तो स्वयं के भीतर सृष्टिकर्ता का साक्षात्कार कर पाना संभव हो जाता है। तन की आंखें बाहर देखने वाली आंखे होती

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धर्म का अर्थ क्या है? — What Is The Meaning of Religion?

धर्म जीवन का मूल तत्त्व है ! ज्ञानियों ने कहा है कि धर्म एक धारणा है, जिसे सबको धारण करना चाहिए। धर्म एक आधार है जिसे धारण कर मानविय नैतिक गुणों को विकसित किया जाता है। धर्म क्या है जानिए ! Know what is religion …धर्म वह अनुशासित जीवन पद्धति है, जिसमें लौकिक उन्नति तथा आध्यात्मिक

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प्रारब्ध और पुरुषार्थ — Destiny and Efforts

प्रारब्ध क्या है ! प्रारब्ध पूर्व जन्म में किए गये कर्मों के फल का अंश है, जो इस जन्म में भोगने के लिए निश्चित होता है। यह किसी एक कर्म का परिणाम नहीं होता बल्कि अनेक कर्मों के यानि संचित कर्म के फल का अंश है। कोई भी सभी संचित कर्मों का फल इस जन्म

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माटी कहे कुम्हार से — Mati Kahe Kumhar Se

माटी का चक्र ! माटी कहे कुम्हार से क्यों रौंदो हो मोय।एक दिन ऐसा आवेगा मों रौंदूगी तोय।। उक्त पंक्तियां कबीरदास ने कही है। इस दोहे का सरल अनुवाद है; माटी कुम्हार से कहती है कि तुम मुझे क्यों रौंद रहे हो, एक दिन ऐसा आएगा जब मैं तुम्हें रौंदूगी। सुनने पढ़ने में तो यह

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तनाव क्या है? — What Is Stress?

तनाव को शारीरिक एवम् मान्सिक उद्धिग्नता के रुप में समझा जा सकता है। यह एक अवांछित मनोभाव है जो शारिरीक अथवा मानसिक व्यथा के कारण उत्पन्न होता है। भय, क्रोध, शोक आदि इसके उपस्थिति के मानसिक कारक होते हैं। वहीं संक्रमण, दुर्घटना, रोग आदि इसके उपस्थित होने के शारीरिक कारक होते हैं। मनोवैज्ञानिक इसे रासायनिक

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कामना का अर्थ क्या है — Meaning of Desire

कामना एक मनोवृति है ! जब कोई किसी चीज को पाने की इच्छा करता है, तो इसे कामना समझा जाता है।  मन की इच्छा का प्रबल रुप कामना है। यह हर किसी के मन में किसी ना किसी रूप में मौजूद होता है। अपने शुद्ध स्वरुप में कामना उन्नतिशील और ज्ञान के अभाव में पतनशील

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ध्यान क्या है? — What Is Meditation?

ध्यान का अर्थ ! ध्यान एक क्रिया है, जिसमें कोई व्यक्ति अपने मन को एकाग्र करने का प्रयत्न करता है। मन का स्वभाव अस्थिर प्रकृति वाला है। साधारण मनुष्य के मन में एक साथ अनेक विचार चलते रहते हैं। ध्यान अनावश्यक कल्पनाओं, विचारों को मन से हटाकर, इसे स्थिर करने की क्रिया है। इसका उद्देश्य

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Adhyatma kya hai

अध्यात्म क्या है? — What Is Spirituality?

अध्यात्म का अर्थ है अपने भीतर के चेतन तत्त्व को जानना। यह महाविद्या है, इसे जान लेने के पश्चात और किसी विषय-वस्तु को जानने की आवश्यकता नहीं होती …

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गुण क्या है? — What Is Quality?

गुण का अर्थ..! वह विशेष लक्षण जिसके कारण कोई वस्तु अथवा जीव अपना अलग पहचान बनाता है, उसका गुण कहलाता है। रूप, रंग, गंध, स्पर्श के द्वारा गुण की परख होती है। गुण का विपरीत अवगुण होता है। गुण के विपरीत गलत लक्षणों या प्रवृतियों को अवगुण समझा जाता है।  इस जगत में पाये जाने

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