मन दर्पण कहलाए — Man Darpan Kahlaye
मन दर्पण कहलाए ! अर्थात् मन दर्पण कहलाता है। पर मन और दर्पण दोनों में बुनियादी भिन्नता है, फिर यह समानार्थी कैसे हो सकते हैं! दर्पण एक वस्तु है, जिसे हम देख सकते हैं, स्पर्श कर सकते हैं। परन्तु मन तो अदृश्य है, इसे हम स्पर्श भी नहीं कर सकते। मन का तो केवल अनुभव […]
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