काल करे सो आज कर — Do It Today

साथियों ‘काल करे सो आज कर’ यह उक्ति संत कबीर की है। उनकी इस उक्ति का तात्पर्य है कि जो कल करना चाहते हो आज ही कर लो !और जो आज करना है, उसे अभी कर लो ! इस उक्ति में उन्होंने वर्तमान समय का सदुपयोग करने की सीख दी है। काल करे सो आज […]

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आकर्षण का सिद्धांत — Law of Attraction

आकर्षण का सिद्धांत क्या है ?  साथियों आइये आज के कॉलम में इस बात पर चर्चा करते हैं कि आकर्षण का सिद्धांत क्या है? यह सिद्धांत एक विचारधारा है, एक अवधारणा है, इसके अनुसार हमारे साथ ठीक वैसा ही होता है, जैसा कि हम सोचते हैं। आकर्षण के सिद्धांत ‘law of attraction’  के अनुसार हम

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मित्रता क्या है जानिए …

मित्रों ! इस आलेख में यह जानने का प्रयास करते हैं कि मित्रता क्या है ? मित्रता यानि दोस्ती को परिभाषित करना सरल नहीं है। मित्रता मित्र शब्द का विशेषण है। यह एक भावना है, जो दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच उत्पन्न होता है। सामान्यतः जब व्यक्तियों के बीच आपस में लगाव

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सहज जीवन कैसे जीयें — How to Live a Simple Life?

दोस्तों आइए आज चर्चा करते हैं कि सहज जीवन कैसे जीयें ! जीवन को आसान बनाकर जीवन का आनंद कैसे उठाएं ..! पहले यह जानते हैं कि सहज का अर्थ क्या है? सहज यानि सामान्य, simple, इसका एक समानार्थी शब्द सरल भी है। खुद को प्राकृतिक रूप से ढालने का प्रयास करके हम जीवन को

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सुनसान नगर अंजान डगर का प्यारा हूं… आवारा हूं!

सुनसान नगर अंजान डगर का प्यारा हूं! आवारा हूं! इस गीत की पंक्तियां गीतकार शैलेंद्र ने लिखी है, और स्वर दिया है प्रसिद्ध पार्श्व गायक मुकेश ने। साधारण मन के लिए तो इस गीत में मनोरंजन से अधिक कुछ भी नहीं, पर इस नजरिए से भी यह गीत अत्यन्त मधुर एहसास देता है। आवारा हूं

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शराब चीज ही ऐसी है!

शायरों ने अपने कृतियों में शराब और साकी का खुब जिक्र किया है। शराब चीज ही ऐसी है! शराब जिसे मदिरा, सुरा, मधु, दारु आदि अनेक नामों से जाना जाता है, यह एक मादक पेय पदार्थ है।  शराब के भी अनेक रंग हैं साकी ! कोई पीता है आबाद होकर कोई पीता है बरबाद होकर।

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जड़ और चेतन — Root and Consciousness

जड़ क्या है ..? सामान्यतः पौधे का वह भाग जो बीजांकुर से विकसित होकर भूमि के भीतर प्रवेश करता है, जड़ कहलाता है। जड़ का काम पौधे को भूमि पर स्थिर रखना और उसके पोषण हेतू भूमि से खनिज और लवण प्राप्त करना होता है। जड़ अगर जीर्ण-शीर्ण हो जाय अथवा पौधे को इससे अलग

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साहस का अर्थ — Meaning of Courage

साहस का अर्थ क्या है ? साहस अथवा निडरता एक सकारात्मक मनोभाव है। मन की दो विपरीत अवस्थाएं हैं, साहस और भय। निडरता, निर्भयता का विपरीत है भय अथवा डर। जहां साहस की कमी है, वहां भय की अधिकता है। निर्भय होने और भयभीत होने का संबंध उचित-अनुचित से है। जो उचित है वह करने

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याचना का अर्थ क्या है — Meaning of Solicitation

याचना शब्द एक क्रिया है, यह एक संस्कृत भाषा का शब्द है। सामान्यतः याचना का अर्थ है मांगने की क्रिया, अर्थात् किसी से कुछ मांगना। इस क्रिया के कई स्वरुप होते हैं, जैसे परामर्श मांगना, सहायता मांगना, भीख मांगना आदि। इस क्रिया के दो पहलू हैं, एक अपने लिए मांगना और दुसरा है किसी और

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जानिए अघोरी का अर्थ क्या है — Learn the Meaning of Aghori

अघोरी एक प्रकार के साधक होते हैं। यदा-कदा  मैले-कुचैले वस्त्र धारण किए हुवे, उलझे हुवे बाल और दाढ़ी से युक्त एवम् शरीर में भस्म लगाये साधु दिख जाते हैं। वे जल्दी किसी से कुछ लेते नहीं और नाही कुछ कहते हैं। खुद में ही मस्त रहने वाले इन विचित्र प्राणियों को देखकर मन कौतूहल से

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भक्तियोग — Realization of God with Bhakti Yoga

प्रिय बंधुगण ; आइए संक्षिप्त में यह जानने का प्रयत्न करते हैं कि ‘भक्तियोग’ क्या है? योग के अनेक विधियों में से एक है भक्तियोग। यह पावन शब्द दो शब्दों ‘भक्ति’ और ‘योग’ के मेंल से बना है। योग क्या है! इसकी चर्चा पिछले आलेख में की जा चूकी है। भक्ति का अर्थ है, ईश्वर

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