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परिवार का अर्थ — Meaning of Family

परिवार क्या है! सामान्यतः यह सबको मालुम होता है, परन्तु परिवार का अर्थ क्या है? इसका महत्व क्या है? इसे जानना आवश्यक है। क्योंकि व्यक्ति की सामाजिक मर्यादा बहुत कुछ उसके परिवार से ही निर्धारित होता है।  समाज शास्त्र के अनुसार परिवार समाज की एक इकाई है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। मूख्यत: समाज में […]

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पिता होने का अर्थ — Meaning of Being a Father

पिता अर्थात् जन्मदाता, पालनकर्ता एवम् मार्गदर्शक! एक स्त्री संतानोत्पत्ति के लिए जिस पुरुष का सहयोग लेती है, वह जन्म लेने वाले शिशु का पिता कहलाता है। मनुष्य हो अथवा पशु-पक्षी; संतानोत्पत्ति के लिए विपरीत लिंगों का आपस में यौन संपर्क आवश्यक होता है। जानवर भी संतानोत्पत्ति करते हैं, परन्तु मनुष्य और अन्य जन्तुओं में आलोचनात्मक

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जानिए संवेदना क्या है — Learn What Is Sensation

सामान्य अर्थों में दुसरों के दुःख, कष्ट अथवा हानि के प्रति सहानुभूति के भाव को संवेदना समझा जाता है, यह मन की एक प्रतिक्रिया है। सही अर्थों में संवेदना का अर्थ ज्ञानेन्द्रियों द्वारा प्राप्त ज्ञान अथवा अनुभव से है।  जगत में दो प्रकार के पदार्थ उपस्थित हैं, सजीव और निर्जीव। सजीव पदार्थों में प्राण ऊर्जा

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स्वच्छता का महत्व — Importance of Cleanliness

स्वच्छता का अर्थ होता है; तन, मन और अपने आसपास अवस्थित वस्तुओं की साफ-सफाई। स्वच्छता मनुष्य के भीतर उत्तम गुणों को विकसित करता है। शारीरिक, मानसिक एवम् बौद्धिक हरेक रुप से स्वस्थ रहने के लिए जीवन में स्वच्छता का होना महत्त्वपूर्ण है।  केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि स्वच्छता या शुद्धि किसी भी चीज की पहचान

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अनुशासन क्या है — What Is Discipline?

अनुशासन का आशय नियम से बंधा हुआ आचरण से है। अपने शारीरिक, मानसिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। और इन नियमों को स्वेच्छा से अंगीकार किया जाता है। अगर खुद को अनुशासित करना चाहते हैं, तो नियमों के अनुसार चलना सीखना ही होगा।  जीवन में व्यक्तिगत एवम्

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उन्नति क्या है? — What Is Improvement?

उन्नति का अर्थ है विकसित होने की अवस्था। इसका संबंध गति से है। पूर्व की स्थिति से उत्तम स्थिति की ओर अग्रसर होना उन्नति समझा जाता है। विकास, उत्थान, प्रगति, तरक्की आदि इसके समानार्थी शब्द हैं। उन्नति का विपरीत है अवनति। अवनति का अर्थ है पतन, अर्थात् पूर्व की स्थिति से निम्न स्तिथि में जाना।

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समस्या और समाधान — Problem and Solution

समस्या क्या है? एक भाव, अवस्था, स्थिति, परिस्थिति या कुछ और या फिर इनमें से कुछ भी नहीं। इसे जिस तरह से लिया जाय, परन्तु यह हर किसी के जीवन में उपस्थित होता रहता है। अब प्रश्न यह है कि हम इसे बुलावा देते हैं अथवा यह जबरन हमारे पीछे पड़ा रहता है। और अगर

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मुक्ति का अर्थ — Meaning of Freedom

मुक्ति का शाब्दिक आशय है, मुक्त होने की अवस्था। स्वछंदता, स्वतंत्रता, आजादी आदि इसके समानार्थी शब्द समझे जाते हैं। सामान्यतः सांसारिक दायित्वों के निर्वाह के क्रम में आने वाले समास्याओं से निजात पाने की अवस्था को मुक्त होना समझा जाता है। परन्तु वास्तव में मुक्ति क्या है? समस्याओं से मुक्ति या दुखों से मुक्ति !

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जानिए कर्तव्य क्या है — Learn What Is Duty

सामान्य अर्थों में कर्तव्य अथवा दायित्व वैसे कार्य होते हैं, जिनका निर्वहन अनिवार्य समझा जाता है। मनुष्य जन्म लेने के साथ ही अनेक दायित्वों के बंधन में बंध जाता है। अपने जीवन काल में उसे अनेक दायित्वों का निर्वाह करना पड़ता है। शारिरीक, मानसिक, पारिवारिक, सामाजिक, वैधानिक आदि दायित्व के अनेक रुप होते हैं। सामान्यतः

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सौदागर होना क्या है? — True Meaning of Being a Merchant

सौदागर का अर्थ है सौदा करने वाला। सामान्यतः लेन-देन की आर्थिक गतिविधियां जो एक दुसरे के बीच संपन्न होती हैं, उन्हें सौदा समझा जाता है। दो पक्षों के बीच जब लेन-देन होता है, तो बदले में सेवा या मुद्रा लिया जाता है। दो व्यक्तियों अथवा समूहों के बीच लेन-देन को क्रय-विक्रय भी कहा जाता है।

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जानिए संयम क्या है — Learn What Is Control

संयम का अर्थ है शारीरिक एव मान्सिक क्रियाओं को नियंत्रित करना। जैसे व्यवहार पर नियंत्रण, वाणी पर नियंत्रण, इच्छाओं पर नियंत्रण। क्रोध, लालच, द्वेष, मोह, अभिमान आदि मन की अवांछित भावनाओं पर नियंत्रण। मुख्यत: मन का संतुलित अवस्था में रहना ही संयम है। व्यवहारिक जीवन में सफल होने के लिए जीवन में संयम का होना

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